आज सोमवार है महादेव का वार है (Aaj Somvar Hai) शिव जी को समर्पित विख्यात भजन है। यहाँ पर यह भजन और इसका ही एक अन्य रूप दिए जा रहे हैं। सोमवार के दिन जो भी भक्त सच्चे दिल से भोलेबाबा का स्मरण करता है उसे इहलोक और परलोक में कभी कोई कष्ट नहीं रहता है। शंकर जी सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। प्रत्येक सोमवार को सोमवार व्रत कथा का पाठ और इस भजन का गायन भगवान की कृपा अवश्य आकृष्ट करते हैं। साथ ही सोलह सोमवार व्रत कथा के साथ भी इसे गाया जाता है। पढ़ें इस भजन के लिरिक्स (Bhajan Lyrics) हिंदी में–

आज सोमवार है महादेव का वार है
सच्चा ये दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है, महादेव का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है…

somwar ka bhajan

तीन लोक के ये हैं दाता,
लीला बड़ी अपार है,
लीला बड़ी अपार है,
दुखियों के हो भाग्य विधाता,
तेरी जय जयकार है,
तेरी जय जयकार है,
महिमा अपरम पार है,
महादेव का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है…

भाल चन्द्रमा, शीश मुकुट पे,
जटा में गंगा धारा है,
जटा में गंगा धारा है,
हे शिव शंकर निहारक,
तेरा रूप निराला है,
तेरा रूप निराला है,
सबकी यही पुकार है,
सच्चा ये दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है, महादेव का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है….

आज सोमवार है, महादेव का वार है,
सच्चा ये दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है, महादेव का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाये,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है…

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आज सोमवार है सावन की बहार है

आज सोमवार है सावन की बहार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाए,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है॥

तीन लोक के ये है दाता,
लीला बड़ी अपार है,
लीला बड़ी अपार है,
दुखियों के हो भाग्यविधाता,
इनकी जय जयकार है,
इनकी जय जयकार है,
महिमा बड़ी अपार है,
शिव शंकर का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाए,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोंमवार है॥

हे त्रिपुरारी भंडारी,
तुझपे ये जग है बलिहारी,
तुझपे ये जग है बलिहारी,
मदन क्रदन कर पाप हरण,
हर भोले शंकर त्रिपुरारी,
भोले शंकर त्रिपुरारी,
मृत्युंजय अविकार है,
शिव शंकर का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाए,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है॥

भाल चन्द्रमा शीश मुकुट पे,
जटा में गंगा धारा है,
जटा में गंगा धारा है,
शिव शम्भू हे तारक हारक,
इनका रूप निराला है,
इनका रूप निराला है,
सबकी यही पुकार है,
शिव शंकर का वार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाए,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है॥

आज सोमवार है सावन की बहार है,
भोले का दरबार है,
सुबह सवेरे जल जो चढ़ाए,
उसका बेड़ा पार है,
आज सोमवार है॥

विदेशों में बसे कुछ हिंदू स्वजनों के आग्रह पर आज सोमवार है (Aaj Somvar Hai) भजन को हम रोमन में भी प्रस्तुत कर रहे हैं। हमें आशा है कि वे इससे अवश्य लाभान्वित होंगे। पढ़ें आज सोमवार है भजन रोमन में–

Read Aaj Somvar Hai

āja somavāra hai mahādeva kā vāra hai
saccā ye darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai, mahādeva kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai…

tīna loka ke ye haiṃ dātā,
līlā baड़ī apāra hai,
līlā baड़ī apāra hai,
dukhiyoṃ ke ho bhāgya vidhātā,
terī jaya jayakāra hai,
terī jaya jayakāra hai,
mahimā aparama pāra hai,
mahādeva kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai…

bhāla candramā, śīśa mukuṭa pe,
jaṭā meṃ gaṃgā dhārā hai,
jaṭā meṃ gaṃgā dhārā hai,
he śiva śaṃkara nihāraka,
terā rūpa nirālā hai,
terā rūpa nirālā hai,
sabakī yahī pukāra hai,
saccā ye darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai, mahādeva kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai…

āja somavāra hai, mahādeva kā vāra hai,
saccā ye darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai, mahādeva kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āye,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai…

āja somavāra hai sāvana kī bahāra hai

bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āe,
usakā beड़ā pāra hai,
āja soṃmavāra hai॥

he tripurārī bhaṃḍārī,
tujhape ye jaga hai balihārī,
tujhape ye jaga hai balihārī,
madana kradana kara pāpa haraṇa,
hara bhole śaṃkara tripurārī,
bhole śaṃkara tripurārī,
mṛtyuṃjaya avikāra hai,
śiva śaṃkara kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āe,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai॥

bhāla candramā śīśa mukuṭa pe,
jaṭā meṃ gaṃgā dhārā hai,
jaṭā meṃ gaṃgā dhārā hai,
śiva śambhū he tāraka hāraka,
inakā rūpa nirālā hai,
inakā rūpa nirālā hai,
sabakī yahī pukāra hai,
śiva śaṃkara kā vāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āe,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai॥

āja somavāra hai sāvana kī bahāra hai,
bhole kā darabāra hai,
subaha savere jala jo caढ़āe,
usakā beड़ā pāra hai,
āja somavāra hai॥

जैसा कि स्पष्ट है कि इसका गायन प्रत्येक सोमवार को किया जाता है, अतः इसे सोमवार आरती (Somvar Aarti) और Monday Aarti भी कहा जाता है।

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